स्वार्थी नेताओं के कारनामे

डॉ वेद व्यथित
नया शिफूगा छोड़ 2 कर कितना ध्यान हटाओगे

बिना पैर कि झूटी बातें कितनी और चलाओगे

जिस दिन हिन्दू आतंकी हो जायेगा तो ये सुन लो

उस दुश्मन का दुनिया में नाम ढूंढ न पाओगे

सहने की भी हद होती है रेत के महल बनाओ मत

गली तो दे रहे हमें झूठा इल्जाम लगाओ मत

हिन्दू आतंकी होता तो शीश नही कटवा लेता

छोटे छोटे बच्चों को दीवार में न चुनवा लेता

इतनी नर बलियां ले कर भी प्यास तुम्हारी बुझी नही

पूर्वजों को गाली देते कहाँ तुम्हारी शर्म गई

हिन्दू आतंकी कब हैं चींटीका शोक मनाते हैं

इतने पर भी कोष रहे हो कहाँ तुम्हारी शर्म गई

सगे तुम्हारे आतंकी हैं हिन्दू तो दुश्मन ही हैं

क्योंकि सत्ता तुम्हे सौंप कर गाली तो खानी ही है

पर तुम ने तो इसी बात को बहुत बड़ी खूबी समझा

पर होती है जहाँ धूप फिर छाया तो आनी ही है

कब तक यूं ही अपमानों को झेल झेल कर जिओगे

इन कडवे घूंटों को यूं ही ऐसे कब तक पिओगे

आखिर तो मरना है इक दिन उत्तर तो देना होगा

जो बदनाम केगा हम को सबक उसे देना होगा

भारत माता ये कपूत क्या कोख तेरी से जन्मे हैं

लगता है दुश्मन के झूठे टुकड़ों पर ये पनपे हैं

पर इन खरपतवारों को जल्दी नष्ट अभी करना होगा

वरना समय बीत जायेगा और हाथ मलना होगा

आतंकी तो हैं ही दुश्मन तुम भी हम को दो गाली

सत्ता की ऐसी क्या मस्ती जो अपनों को दें गाली

कुर्सी की चर्बी छाई है नही दिखती सच्चाई

करने को बदनाम यहाँ बस हिन्दू कौम एक पाई

जो कट्टर हैं उन को तुम कट्टर भी कब हैं सकते

पर हिन्दू के लिए छूट है उन को गाली दे सकते

क्योंकि आतंकी तो तुम को खुली चुनौती देते हैं

उन का तो तुम एक बाल भी बांका ही न कर सकते

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