बना संगठन जो मानवाधिकार

तोड़ गुलामी की जंजीरें

बना दी हमने सरकार

दे दिया हमने जनता को

उसमें से थोड़ा अधिकार

आजाद देश के इस भारत में

बना संगठन जो मानवाधिकार

जिसका काम है बस लड़ना

दिलवाना दीन-दुखियों का अधिकार  

काम है इनका अब जो बदला

लड़े लड़ाई उन लोगों की

बेगुनाहों का जिन्होंने खून बहाया

फ़िक्र नहीं इन्हें अब मजलूमों की

अफafjalकी फांसी का विरोध करें ये

क्या सैनिकों की जान का मोल नहीं

मानवाधिकार के इन चमचों के पीछे

कहीं पाकिस्तान का तो कोई रोल नहीं

सवाल पूछता हर वो इंसान

जिसने देखा  को हमले को

देख के तेरा अब तक मन न डोला

क्या तू भूल न पाया, अफजल बचाव के जुमले को

जो मारे गये उनमें भी थे मुस्लिम

फ़िक्र क्यों तू इतना इनपे मेहरबान है

कसाब, kasabफजल को बीच चौराहे पर लाकर

पत्थर मारो, सोचकर ये शैतान है

इनके शरीर पर पाकिस्तान लिखकर

इतने कोड़े सब मिलकर बरसाओ

कि पाकिस्तान भी देखकर कांप उठे

चिल्लाए वो भारत से मुझे बचाओ

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