नमन शहीदों तुमको शत-शत
राष्ट्र हितों की रक्षा को 
प्राण कर दिए तुमने अर्पित
नमन शहीदों तुमको शत-शत
जब रोया भारत का कण-कण
मातृभूमि की बलिवेदी पर
कर दिया समर्पित तुमने जीवन
जब किया शत्रु ने वज्रघात
असहनीय पीड़ा का आघात
जन्मभूमि की रक्षा को
तुम खड़े हुए ज्यों उदय-प्रभात
घरवार सभी कुछ त्याग दिया
और मातृभूमि को रिणी किया
नमन शहीदों तुमको शत-शत
कारगिल हो या मुंबई की घटना
वीरों का स्वभाव था रण में डटना
खाकर भी गोलियाँ सीनों पर
पाई विजय संगीनों पर
नमन शहीदों तुमको शत-शत
आत्मा कहती शहीदों की
पीछे मत कदम हटाना तुम
हमने जो शंख बजाया है
अब आगे बिगुल बजाना तुम
हमने जो ज्योति जलाई है
अब आगे उसे बढ़ाना तुम
नमन शहीदों तुमको शत-शत
राष्ट्र हितों की रक्षा को
प्राण कर दिए तुमने अर्पित
नमन शहीदों तुमको शत-शत……

