गीत-ग़ज़ल|2011/03/16 9:22 am

भाभी ने देवर को भेजा sms का गुलाल

ननुआ ने  तो भंग चढाई धोती फाडी ललुआ ने
कर रुमाल धुतिया के भइया ताल लगाई कलुआ ने
दिल्ली चौंकी सब जग चौंका खूब सुनाई दिगिया ने
बड़ी मम के गिर चरणों में धोक लगाई मनुआ ने ||

चीनी मिल रही पांच रूपया  कडुआ तेल  मुफ्त में है
दाल मिल रही दो दो रूपया रोटी संग मुफ्त में है
कैसा सुंदर राज है भइया होली खूब मनाओ जी
हाथों को मलते रह जाओ लाली खूब मुफ्त में है ||

गौरी को  s m s  भेजा आओ रंग बरसायें
बिन पानी  के नीले पीले सारे रंग बरसायें
पहले मैं भेजूंगा  मैसिज फिर तुम भी भिजवाना
अब के  s m s की होलो फोन में खूब मनाये ||

भाभी ने देवर को भेजा sms का गुलाल
देवर ने भाभी पर डाला फोन में रंग गुलाल
होली के सब रंग बिखर गये हुए न  शर्ट खराब
न देवर ने कोड़े खाए  गाल न हुए गुलाल  ||

जमाने बदल गए हैं बहाने बदल गये हैं
दुनिया बदल गई है गाने बदल गए हैं
दिल भी बदल गया है दीवाने बदल गये हैं
बस फर्क है कि इतना खत sms  में बदल गये हैं ||

मिस काल कर रहे हैं संदेश भेजते हैं
ई मेल से ही प्यारा सा खत भेजते हैं
अब यंत्र ही साधन इस पर प्यार निर्भर
इस यंत्र से ही अपना वो प्यार भेजते हैं

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