गीत-ग़ज़ल|2009/12/05 4:03 pm

गम का है मौसम….

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मौसम जुदाई का,

तुझको कसम है जाना,

तेरी खुदाई का,

गम का है मौसम……………….

तुझको मैं भूलूं,

भूल न पाऊ मैं,

विरहा की अगनी में

जलता ही जाऊ मैं,

तुझ बिन जीवन में,

जी कहां पाऊ,

गम का है मौसम………………..

तेरे रूप का दीवाना मैं

दीवानापन ऐसा छाया,

अकेला ही भटका,

खालीपन ऐसा पाया,

घर से भी बिछड़ा

 ने साथ छोड़ा,

गम का है मौसम………………..

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