काश मेरे पास आये कोई

जीना कैसे बतलाये कोई

दिल को मेरे समझाए कोई

न प्यार है ना हमदर्द है

काश मेरे पास आये कोई

जीना कैसे बतलाये कोई ….

अकेला खड़ा हू अनजाने डगर में

हमदम कोई ना जो आये सफ़र में

जो मुश्किल जीना आसां करदे

खुशियों से मेरा दमन वो भर दे

ये सपना जो सच हो जाये कोई

काश मेरे पास आये कोई

जीना कैसे बतलाये कोई….

ख्वाब हकीकत ना बन पति है

आकर वो दूर चली जाती है

रोकू मै कितना गुजारिश करू मै

उससे ना कितना सिफारिश करू मै

समझाया इतना अब समझाए कोई

काश मेरे पास आये कोई

जीना कैसे बतलाये कोई….

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