फिल्म निर्माण की किसी एक विधा में दक्षता हासिल करना ही बहुत बड़ी बात है, लेकिन कुछ बिरली शख्सियतें ऐसी भी होती है, जो प्रत्येक विधा में अपनी छाप छोड़ जाती हैं. बीते दौर के बॉलीवुड की बात करें तो गुलजार साहब ऐसी ही शख्सियतं थे ,जिन्होंने फिल्म निर्देशन के साथ ही लेखन में भी नई ऊंचाईयों को छुआ. वर्तमान में भी बॉलीवुड में राजकुमार हिरानी, करण जौहर, आदित्य चोपड़ा , अनुराग कश्यप जैसी हरफनमौला शख्सियतें भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में जुटी हुई है. 12 मार्च को रिलीज हो रही फिल्म राईट या रांग के निर्देशक नीरज पाठक भी एक ऐसी ही शख्सियत हैं. बतौर लेखक नीरज पाठक ने शाहरूख खान अभिनीत परदेश और धर्मेंद्र, सनी देओल और बाॅबी देओल अभिनीत अपने जैसी फिल्में लिखी है. और अब वे बतौर निर्देशक बॉलीवुड में अपनी पारी शुरू करने जा रहे हैं. प्रस्तुत है मुंबई के अंधेरी स्थित ऑफिस में उनसे हुई बातचीत के संपादित अंश :-
कुछ अपने बारे में बताएं?
मुझे बचपन से ही फिल्मी दुनिया अपनी ओर खींचने लगी थी. इसीलिए मैंने इसे अपने कॅरिअर के तौर पर अपनाने का फैसला किया और आंखों में सपने लिए मुंबई चला आया.
तो फिर, इंडस्ट्री में पहला ब्रेक कैसे मिला?
पहला बे्रेक मुझे सुभाष घई ने दिया. यह 1997 के आसपास की बात है. वे उन दिनों शाहरूख खान और महिमा चैधरी के साथ परदेष फिल्म बना रहे थे. मुझे इस फिल्म को लिखने का मौका मिला. मैं अपने आप को सौभाग्यशली मानता हूं कि मुझे पहली ही फिल्म में घई साहब जैसी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज निर्देशक के साथ काम करने का मौका मिला. फिल्म सुपरहिट रही और इसी के साथ मेरा कॅरिअर भी चल पड़ा.
लेकिन इंडस्ट्री में आपको सबसे ज्यादा अपने फिल्म के लेखक के तौर पर जाना जाता है?
हां. और मुझे इस बात का बेहद गर्व है. परदेष फिल्म से शानदार आगाज करने के बाद मैंने चाहत, जुर्म और दिवानगी जैसी फिल्मों के लिए भी लिखा. अक्षय खन्ना और अजय देवगन अभिनीत दिवानगी के लिए संवाद लिखें, चाहत के लिए गाने लिखें और जुर्म की पटकथा लिखी. लेकिन मेरे कॅरिअर में सबसे अहम मोड़ अपने लिखने के बाद आया.
अपने फिल्म को लिखने की शुरूआत कहां से हुई ?
दरअसल, अनिल शर्मा एक ऐसी फिल्म बनाना चाहते थे, जिसमें धर्मेन्द्र अपने दोनों बेटों-बोबी और सनी के साथ नजर आए. इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने की कहानी लिखी. बस इसके बाद जो कुछ हुआ, वह अपने आप में एक इतिहास है. अपने पहली फिल्म है, जिसमें देओल परिवार के तीनों सितारे एक साथ नजर आए. इस फिल्म ने मुझे इंडस्ट्री में मजबूती के साथ स्थापित कर दिया. अनिल शर्मा और धरमजी ने भी इस फिल्म के लिए पूरा क्रेडिट मुझे दिया. इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और कुछ और नया कर गुजरने की जज्बा भी आया.
आपकों इंडस्ट्री के हरफनमौला लोगों में शुमार किया जाता है
वो शायद इसलिए कि मैं गीत, पटकथा लेखन और निर्देशन तीनों विधाओं में खुद को आजमा चुका हूं. मेरे ख्याल से फिल्म निर्माण के प्रत्येक पहलू पर ध्यान दिया जाना चाहिए और मैंने ऐसा ही किया. दरअसल मैं शुरू से ही निर्देशक बनना चाहता था. अपने फिल्म की शूटिंग के दौरान मैंने यह बात सन्नी देओल को बताई. उन्होंने मेरी बात को पूरी गंभीरता से लिया और इस तरह बतौर निर्देशक मेरी पहली फिल्म राईट या रांग तैयार है.
कुछ राईट या रांग के बारे में बताएं ?
यह एक संस्पेंस-थ्रिलर फिल्म हैं. सन्नी देओल और इरफान खान के साथ ही इसमें कोंकणा सेन शर्मा और ईशा कोपेकर की भी प्रमुख भूमिकाएं है. सन्नी देओल और इरफान खान इसमें दो पुलिस अधिकारियों की भूमिका निभा रहे हैं. वे दोनों अच्छे दोस्त है, लेकिन परिस्थितियों के चलते एक-दूसरे के विरोध में खड़े हो जाते हैं. इसके बाद उन दोनों के बीच ही खुद को सही साबित करने की प्रतिस्पर्धा होती है. आखिर में उसी की जीत होती है, जो सही होता है.
आप तो इस फिल्म के निर्माता भी है?
हां. और यह मेरे कॅरिअर की सबसे बड़ी उपलब्धि है. वह इसलिए क्योंकि आज से दस साल पहले मैंने बतौर लेखक फिल्म इंडस्ट्री में अपने कॅरिअर की शुरूआत सुभाष घई साहब के साथ ही की थी. संयोग देखिए कि बतौर निर्माता पहली फिल्म भी उनके साथ ही है. असल में, हमनें राईट या रांग फिल्म को घई साहब की कंपनी मुक्ता आट्र्स के साथ मिलकर बनाया है. मेरे सबसे करीबी दोस्त कृष्ण चैधरी के साथ मिलकर मैंने प्रोडक्सन हाउस खोला है. उम्मीद है कि भविष्य में भी इसी तरह मनोरंजक फिल्में बनाते रहेंगे.
राईट या रांग के बाद आगामी प्रोजेक्ट ?
एक फिल्म और है सन्नी देओल के साथ. द मेन नामक इस फिल्म में सनी के साथ शिल्पा शेट्टी है. खास बात यह है कि सन्नी इस फिल्म में मेरे सह-निर्देशक भी हैं. फिल्म की आधे से ज्यादा शूटिंग हो चुकी है. साल के आखिर तक इसे भी रिलीज करने के बारे में सोचा है. वैसे मुझे सबसे ज्यादा इंतजार राईट या रांग के टिकट खिड़की पर प्रदर्शन को लेकर है. मैंने एक बेहतरीन फिल्म पूरे दिल के साथ बनाई है और उम्मीद करता हूं कि दर्शकों को भी फिल्म बेहद पसंद आएगी


