खेल-कूद|2010/03/12 3:43 pm

आईपीएल के रोमांच के लिए हो जाइए तैयार

2008 में आईपीएल के पहले सत्र के उदघाटन समारोह के दौरान लीग के चेयरमैन ललित मोदी की आंखों में एक ख्वाब स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रहा था. यह ख्वाब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई को और ज्यादा अमीर बनाने को लेकर नहीं था. मोदी यह ख्वाब अपनी महत्वाकांक्षी इंडियन प्रीमियर लीग की बेहतरी को लेकर देख रहे थे. आईपीएल, यानी कि एक ऐसा टूर्नामेंट जिसमें ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज समेत क्रिकेट की दुनिया के सभी दिग्गज, युवा और उभरते हुए खिलाड़ियों को एक ही मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है. क्रिकेट की दुनिया में यह एक ऐसी प्रतियोगिता साबित हो रही है, जिसमें गेंद और बल्ले के इस खेल का कायाकल्प कर देने की संभावनाएं छुपी हुई हैं. इसीलिए मोदी ने 2008 में लीग का आगाज करते हुए कहा था- ‘यह एक नया और अभिनव प्रयोग है, जो क्रिकेट के विकास में सहायक होगा.’ और आज, 12 मार्च को, जब देर रात आईपीएल के तीसरे संस्करण का रंग-बिरंगा आगाज होगा, तो मोदी के इस सपने का भागीदार पूरा देश बनेगा.

मोदी की बात सही भी है. खास बात यह है कि यह चैंपियंस लीग बीसीसीआई के लिए पैसा कमाने का जरिया भर नहीं है. क्रिकेट की दुनिया के सबसे रईस बोर्ड बीसीसीआई पर हमेशा ही खेल का औद्योगिकीकरण करने का आरोप लगता रहा है. विश्व क्रिकेट में बीसीसीआई का बढ़ता प्रभुत्व इसके सशक्त उदाहरण हैं. लेकिन लगता है आईपीएल के साथ बीसीसीआई ने अपनी प्रतिष्ठा को सुधारने का मन भी बना लिया है. असल में, आईपीएल पूरी तरह से क्रिकेट को बढ़ावा देने वाली परिकल्पना है. ललित मोदी के मुताबिक- ‘यह लीग अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सभी देशों की घरेलू टीमों और खिलाड़ियों को एक नया मंच प्रदान करेगी.’ मोदी की बात सही भी है. आईपीएल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों की ही भरमार नहीं है, बल्कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट खिलाड़ियों को भी तवज्जो दी गई है. असल में यह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खिलाड़ियों का सामंजस्य है.

मोदी का मानना है कि आईपीएल घरेलू क्रिकेट के स्तर को सुधरने में अहम भूमिका निभाएगी, क्योंकि लीग में खेलने का मौका हासिल करने के लिए सभी देशों के घरेलू क्रिकेटरों को अच्छा प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी. इसके साथ ही घरेलू क्रिकेट में उम्दा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को अपनी राष्ट्रीय टीमों के चयनकर्ताओं और आईपीएल के टीम मालिकों का ध्यान अपनी ओर खींचने का मौका भी मिलेगा.’ आईपीएल के चलते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भी अपनी घरेलू टीमों की ओर से खेलने के लिए प्रेरित होंगे. आमतौर पर राष्ट्रीय टीम में जगह बना लेने के बाद खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट को लेकर उदासीन रवैया अपना लेते हैं. लेकिन आईपीएल में खेलने की इच्छा के चलते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने भी अपनी घरेलू टीम को भी तवज्जो देना शुरू कर दिया है. श्रीलंका इसकी सबसे उम्दा मिसाल हैं, जहां आईपीएल की शुरूआत से ठीक पहले आयोजित की गई घरेलू ट्वेंटी-20 स्पर्धा में सनत जयसूर्या, कुमार संगकारा, मुरलीधरण जैसे सभी बड़े खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया.

क्रिकेट में संभावित इन्हीं सकारात्मक बदलावों के चलते ललित मोदी इसे विश्व क्रिकेट में स्थापित कर देना चाहते हैं. मोदी के मुताबिक- ‘आईपीएल सिर्फ भारत में ही आयोजित नहीं होगी, बल्कि दूसरे देशों को भी इसकी मेजबानी का पूरा मौका मिलेगा.’ दक्षिण अफ्रीका का इसकी उम्दा मिसाल है, जहां पिछले साल आईपीएल बेहद कामयाब साबित हुआ था. इसके साथ ही आगामी सत्रों में मोदी लीग में टीमों की संख्या बढ़ाने के बारे में भी सोच सकते हैं. फिलहाल तो मोदी के साथ ही समूची क्रिकेट बिरादरी आईपीएल के तीसरे संस्करण का स्वागत करने के लिए तैयार हो रही है. और आज से, भारतीय क्रिकेटप्रेमियों सहित समूची दुनिया के क्रिकेटप्रेमियों का दिल आईपीएल के लिए ही धड़केगा. आप भी पैंतालिस दिनों के इस रोमांच के लिए अभी से तैयार हो जाइए.

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