“बारिश के लिए लड़कियों ने नंगी होकर हल चलाया ” । बिहार के बांके बाज़ार कस्बे में किसानों की मर्जी पर उनकी कुंवारी बेटियों ने ऐसा किया । प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लड़कियों ने सूर्यास्त के बाद मंत्रोचारण के साथ खेतों में हल चलाया और इस काम में गाँव की महिलाओं ने उनकी मदद की ।
पानी के लिए सारी दुनिया में हाहाकार मचा है । मौनसून की बेरुखी से बिहार-यूपी में किसानों की शामत आई हुई है । बारिश न हुई तो खेती -बाड़ी चौपट ,खाने को अन्न मिलना मुश्किल हो जाएगा । फसल के मौके पर बादलों के देव की नाराजगी से खौफजदा इन किसानों की आंखों में विदर्भ और बुंदेलखंड के दृश्य तैरते रहते हैं । जब इन्सान डरा हुआ हो तो अंधविश्वास की डोर और भी पक्की हो जाती है ।यूपी- बिहार के विभिन्न इलाकों में आए दिन देवराज इन्द्र को मनाने के लिए तरह -तरह के टोटके कर रहे हैं । कहीं मेढक-मेढकी की शादी करवाई जा रही है तो कहीं बैलों की जगह लोग ख़ुद जुए में लग खेत जोत रहे हैं । ऐसे में इस घटना को अंधविश्वास कहें या कुछ भी पर इन ग्रामीण किसानों को पूरा भरोसा है कि इन्द्र को भी शर्म आएगी और वो जलवृष्टि अवश्य करेंगे ।



प्राचीन टोटका है यह और काफ़ी कारगर भी.. उसके बाद क्या हुआ कोई खबर हो तो बताईयेगा
ग्रामीण किसानों को पूरा भरोसा है कि इन्द्र को भी शर्म आएगी और वो जलवृष्टि अवश्य करेंगे
अंधविश्वास कहें…
टोटके कहें या अन्धविश्वास देश इनसे भरा पड़ा है , इसमें भय का भी बहुत बड़ा पक्ष है
अब क्या कहा जाये… मूढ़ता अन्धविश्वास या कुछ और. मोहिंदर जी से पूछे की अगर कारगर है तो सहारा के रेगिस्तान में ये उपाय अपनाया जाये ?
भुवन वेणु
लूज़ शंटिंग
अब क्या कहे! शिक्षा का घोर अभाव जान पडता है जी!
आभार/शुभकामनाए
हे! प्रभु यह तेरापन्थ
मुम्बई-टाईगर
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