सन 74 से पांच बार देश की संसद के दोनों सदन राज्यसभा और लोकसभा में पहुँचने वाले सुब्रमण्यम स्वामी ‘वन मेन आर्मी’ कहे जाते हैं | छात्र जीवन से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून और संविधान के दायरे में रहकर
दुनिया की आर्थिक व्यवस्था ही ऐसी है की महंगाई बढती ही रहेगी , पहले तो जो महंगाई दर बताई जाती है उसका उपभोक्ता सूचकांक से कोई सम्बन्ध नहीं है . सरकार जिस महंगाई की बात करती है उसमे आम आदमी के काम की बहुत कम चीजें होती हैं . दाल की कीमत ८० रूपए किलो पहुँच गयी और सरकार महंगाई दर ० के आसपास बता रही थी . सस्ता शायद आजकल सेल का सामान ही मिल रहा है वो भी कीमत बढाकर . इसमें दैनिक जरूरत की वस्तुएं नहीं शामिल हैं
sateek aur saarthak aalekh !
badhhai !
महगाई पर अच्छी विवेचना
आपका आभार एवम हार्दीक मगलभावनओ के साथ
हे! प्रभु यह तेरापन्थ
मुम्बई-टाईगर
SELECTION & COLLECTION
… मंहगाई के लिये शायद हम सभी जिम्मेदार हैं कोई चाहता ही नहीं कि इस पर नियंत्रण किया जाये यदि कोई चाहता तो इस दिशा में सार्थक प्रयास हो रहे होते।
दुनिया की आर्थिक व्यवस्था ही ऐसी है की महंगाई बढती ही रहेगी , पहले तो जो महंगाई दर बताई जाती है उसका उपभोक्ता सूचकांक से कोई सम्बन्ध नहीं है . सरकार जिस महंगाई की बात करती है उसमे आम आदमी के काम की बहुत कम चीजें होती हैं . दाल की कीमत ८० रूपए किलो पहुँच गयी और सरकार महंगाई दर ० के आसपास बता रही थी . सस्ता शायद आजकल सेल का सामान ही मिल रहा है वो भी कीमत बढाकर . इसमें दैनिक जरूरत की वस्तुएं नहीं शामिल हैं