अपने अज्ञातवास के अंतिम समय में अर्जुन ने विराटनगर,नेपाल के राजा की गायो के हरण कर चुके कौरवो से जिस जगह युद्ध कर रक्षा की वो जगह ही गो रक्षा पुर या गोरखपुर कहलाई. अर्जुन की तरह ही आज भी
यह बहुत महत्वपूरण जानकारी है जिसके लिए सभी ब्लोगर्स,,,ख़ास तौर पर मुझ जैसे
अनजान और नए लोग आपके आभारी रहेंगे…इस खोज से आप हिंदी भाषा की भी एतिहासिक सेवा कर रहे हैं…बधाई स्वीकार करें…
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ye kaafi achchha prayaas hai dhanyavaad