जरा अपने सभ्यता-संस्कृति को टटोलें

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सांस्कृतिक विकृतीकरण के इस युग में भारतवर्ष के समृद्ध गौरवशाली इतिहास को याद रखना और याद दिलाना सामयिक जरुरत बन गया है .अंग्रेजों द्वारा बुने गये सूक्ष्म जाल में हम भारतीय यूँ उलझे कि अपने ही गौरव को भूल कुंठित हो चले हैं . आज अपनी सभ्यता-संस्कृति हमें इतनी तुच्छ मालूम होने लगी है कि पाश्चात्य का अंधाधुंध अनुकरण हमारी आदत बन गयी है . अब ,अतीत की गहराइयों में जरा अपने सभ्यता-संस्कृति को टटोलें तो हमारी समृद्ध शैक्षिक -सांस्कृतिक -राजनीतिक और आर्थिक  परंपरा का अंदाजा हो जाएगा .
विश्व का सबसे प्रथम विश्वविद्यालय 700 ई.पू. में तक्षशिला में स्थापित किया गया था। इसमें 60 से अधिक विषयों में 10,500 से अधिक छात्र दुनियाभर से आकर अध्ययन करते थे। नालंदा विश्वविद्यालय चौथी शताब्दी में स्थापित किया गया था जो शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की महानतम उपलब्धियों में से एक है।
सभ्यताओं की आदिस्थली भारत ने विश्व इतिहास के अनुसार विगत 100000 वर्षों में किसी भी देश पर हमला नहीं किया है। जबकि 5000 साल पहले भारतीय सिंधु घाटी सभ्यता और हड़प्पा संस्कृति एक विकसित संस्कृति थी। भारत का अंग्रेजी में नाम 'इंडिया' इंडस नदी से बना है, जिसके आस-पास की घाटी में आरंभिक सभ्यताएं निवास करती थी। सिंधु नदी को ही इंडस नदी कहा गया। पर्शिया के आक्रमणकारियों ने  हिन्दु धर्म के अनुसार इस देश का नाम 'हिन्दुस्तान'  कर दिया। विश्व का सबसे प्रथम विश्वविद्यालय 700 ई.पू. में तक्षशिला में स्थापित किया गया था। इसमें 60 से अधिक विषयों में 10,500 से अधिक छात्र दुनियाभर से आकर अध्ययन करते थे। नालंदा विश्वविद्यालय चौथी शताब्दी में स्थापित किया गया था जो शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की महानतम उपलब्धियों में से एक है।
आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्सा शाखा है। शाखा विज्ञान के जनक माने जाने वाले चरक ने 2500 वर्ष पहले आयुर्वेद का समेकन किया था। भारत 17 वीं शताब्दी के आरंभ तक ब्रिटिश राय आने से पहले सबसे सम्पन्न देश था। क्रिस्टोफर कोलम्बस ने भारत की सम्पन्नता से आकर्षित हो कर भारत आने का समुद्री मार्ग खोजा, उसने गलती से अमेरिका को खोज लिया।  भास्कराचार्य ने खगोल शास्त्र के कई सौ साल पहले पृथ्वी द्वारा सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी। उनकी गणना के अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्वी को 365 दिन का समय लगता है।
भारतीय गणितज्ञ बुधायन द्वारा 'पाई' का मूल्य ज्ञात किया गया था और उन्होंने जिस संकल्पना को समझाया उसे पाइथागोरस का प्रमेय करते हैं। उन्होंने इसकी खोज छठवीं शताब्दी में की, जो यूरोपीय गणितज्ञों से काफी पहले की गई थी। बीजगणित, त्रिकोणमिति और कलन का उद्भव भी भारत में हुआ था। चतुष्पद समीकरण का उपयोग 11वीं शताब्दी में श्रीधराचार्य द्वारा किया गया था। शतरंज की खोज भारत में की गई थी। 'स्थान मूल्य प्रणाली' और 'दशमलव प्रणाली' का विकास भारत में 100 ई.पू. मेेंं हुआ था। विश्व का प्रथम ग्रेनाइट मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में बृहदेश्वर मंदिर है। इस मंदिर के शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़े से बने हैं।
यह भव्य मंदिर राजा राज चोल के राय के दौरान केवल 5 वर्ष की अवधि में (1004ई. और 1009 ई. ) निर्मित किया गया था। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और विश्व का छठवां सबसे बड़ा देश तथा प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। सांप-सीढ़ी का खेल तेरहवीं शताब्दी में कवि संत ज्ञान देव द्वारा तैयार किया गया था इसे मूल रूप से मोक्षपट कहते थे।  सुश्रूत को शल्य चिकित्सा का जनक माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पहले सुश्रूत और उनके सहयोगियों ने मोतियाबिंद, कृत्रिम अंगों को लगाना, शल्य क्रिया द्वारा प्रसव, अस्थिभंग जोड़ना, मूत्राशय की पथरी, प्लास्टिक सर्जरी और मस्तिष्क की शल्य क्रियाएं आदि की। निश्चेतक का उपयोग भारतीय प्राचीन चिकित्सा विज्ञान में भली-भांति ज्ञात था। शारीरिकी, भ्रूण विज्ञान, पाचन, चयापचय, शरीर क्रिया विज्ञान, इटियोलॉजी, आनुवांशिकी और प्रतिरक्षा विज्ञान आदि विषय भी प्राचीन भारतीय ग्रंथों में पाए जाते हैं।
भारत में 4 धर्मों का जन्म हुआ- हिन्दू धर्म, बौध्द धर्म, जैन धर्म और सिक्ख धर्म, जिनका पालन दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा करता है।
जैन धर्म और बौध्द धर्म की स्थापना भारत में क्रमश: 600 ई.पू. और 500ई.पू. हुई थी। इस्लाम भारत का और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।
भारत में 3,00,000 मस्जिदें हैं जो किसी अन्य देश से अधिक हैं, यहां तक कि मुस्लिम देशों से भी अधिक।
भारत में सबसे पुराना यूरोपियन चर्च कोचीन शहर में है। इनका निर्माण 1503 में किया गया था। विश्व में सबसे बड़ा धार्मिक भवन अंगकोरवाट, हिन्दू मंदिर है जो कम्बोडिया में 11वीं शताब्दी के दौरान बनाया गया था।
तिरुपति शहर में बना विष्णु मंदिर 10वीं शताब्दी के दौरान बनाया गया था, यह विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक गंतव्य है। रोम या मक्का से अधिक इस स्थान पर प्रतिदिन औसतन 30 हजार श्रध्दालु आते हैं और लगभग 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति दिन चढ़ावा आता है। सिक्ख धर्म का उद्भव पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर में हुआ था। यहां प्रसिध्द स्वर्ण मंदिर की स्थापना 1577 में गई थी।
वाराणसी, जिसे बनारस के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन शहर है जब भगवान बुध्द ने 500 ई.पू. में यहां आगमन किया और यह आज विश्व का सबसे पुराना और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है। भारत द्वारा श्रीलंका, तिब्बत, भूटान, अफगानिस्तान और बंगलादेश के 3,00,000 से अधिक शरणार्थियों को सुरक्षा दी जाती है, जो धार्मिक और राजनैतिक अभियोजन के फलस्वरूप वहां से निकल गए हैं।
माननीय दलाई लामा तिब्बती बौध्द धर्म के निर्वासित धार्मिक नेता हैं, जो उत्तरी भारत के धर्मशाला से अपने निर्वासन में रह रहे हैं। युध्द कलाओं का विकास सबसे पहले भारत में किया गया और ये बौध्द धर्म प्रचारकों द्वारा पूरे एशिया में फैलाई गई। योग कला का उद्भव भारत में हुआ है और यहां 5,000 वर्ष से अधिक समय से योग में निपुणता मौजूद हैं। भारत से 90 देशों को सॉफ्टवेयर का निर्यात किया जाता है। वर्ष 1986 तक भारत विश्व में हीरे का एक मात्र स्रोत था।  बेलीपुल विश्व में सबसे ऊंचा पुल है। यह हिमाचल पवर्त में द्रास और सुरु नदियों के बीच लद्दाख घाटी में स्थित है। इसका निर्माण अगस्त 1982 में भारतीय सेना द्वारा किया गया था। दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट का मैदान हिमाचल प्रदेश के चायल नामक स्थान पर है। इसे समुद्री सतह से 2444 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है। भारत डाक खाना के मामले में विश्व में अव्वल है। विश्व की सबसे बड़ी नियोक्ता भारतीय रेल है, जिसमें दस लाख से अधिक लोग काम करते हैं।

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One Response

  1. भारतीय गौरव, स्वाभिमान को जगानेवाले इस तथ्यपरक लेख हेतु लेखक को साधुवाद व बधाई. हमारे आत्मविश्वास को तोड़ने वाला सबसे बड़ा हथियार बना ‘हमारा विकृत किया गया इतिहास’ और हमारी सबसे बड़ी ताकत है “हमारा गौरवपूर्ण सच्चा इतिहास”. इस दृष्टी से यह लेख बड़े महत्व का सही दिशा में किया गया प्रयास है. लेखक को बहुत बधाई और अभिनन्दन.

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