दो-टूक|2011/09/28 2:25 pm

राजबाला का सबसे बड़ा गुनाह !

राजबाला का सबसे बड़ा गुनाह:क्योंकि वो राजबाला थी कोई जकिया जाफरी या जाहिरा शेख नहीं !! क्योंकि तब सवाल वोट बैंक का हो जाता है !

राजबालाबेचारी राजबाला १२४ दिनों तक कोमा मे रहने के बाद जिंदगी की जंग हार गयी . डॉक्टरों ने सरकार को तीन बार पत्र लिखा था उन्हें अमेरिका के पेंसिल्वेनिया मेडिकल इंस्टीट्यूट भेजना चाहिए .. लेकिन आम आदमी का दंभ भरने वाली कांग्रेस कितनी निर्दयी है की उसने अमेरिका तो दूर भारत मे भी उसका इलाज ठीक से नहीं करवाया .
एक तरफ सोनिया गाँधी को सरकार एक खास एयर एम्बुलेंस मे रातो रात अमेरिका इलाज के लिए भेजती है और सोनिया के लिए २५ लाख रूपये प्रतिदिन वाला सेवेन स्टार सुइट बुक करवाती है इस सुइट मे से हडसन नदी , स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी , और अटलांटिक महासागर का दिलकश नज़ारा साफ साफ दिखता है ..

सच कहा गया है जिसे अय्याशी की लत लग चुकी हों उसे बीमारी मे भी अय्याशी करने की आदत नहीं जायेगी ..

उनकी मौत के रिपोर्ट के लिए उनके परिजनों को धरने पर बैठना पड़ा . फिर जब टीम अन्ना से कई सदस्य अस्पताल पहुचे उसके बाद डॉक्टरों ने उनकी मौत की रिपोर्ट उनके परिजनों को सौपी .

इस घटना के दो सबसे बड़े शर्मनाक पहलु है ..पहला राजबाला को लेकर मिडिया का रवैया और दूसरा सरकार और कांग्रेस का !.

राजबाला १२४ दिनों तक दिल्ली के एक अस्पताल मे जिंदगी और मौत का संघर्ष कर रही थी लेकिन इस बीच कांग्रेस का एक भी नेता और सरकार का एक भी मंत्री उनका हाल चाल लेने नहीं पंहुचा ..

क्या राजबाला की जगह कोई मुस्लिम महिला होती तो भी क्या कांग्रेस इतनी नीच रवैया दिखाती ?

एक तरफ भरतपुर मे हिंसा पर उतारू भीड़ पर पुलिस को मज़बूरी मे गोली चलानी पड़ी जिससे दो मुस्लमान मरे .. फिर आनन फानन मे कांग्रेस ने वहाँ के एसपी और डीएम पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया ..तो फिर राजबाला के हत्या के लिए चितंबरम और दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियो पर हत्या का मुकदमा क्यों नहीं सरकार दर्ज करने का आदेश देती है ?

क्या सिर्फ इसलिए कि राजबाला हिंदू है और कांग्रेस हिन्दुओ से अति घृणा करती है ?

इस घटना को लेकर मीडिया ने भी अपने दोहरापन का फिर एक उदाहरण पेश किया . जब राजबाला का अंतिम सस्कार मे बाबा रामदेव और सुषमा स्वराज पहुचे तो मीडिया खासकर एनडीटीवी बार बार दिखा रहा था कि राजबाला के अंतिम संस्कार मे भी सियासत ।

जबकि ये दोगला चैनेल जिसके उपर भष्टाचार के कई आरोप है जिसके मलिक प्रणव रॉय के उपर सीबीआई मे तीन केस दर्ज है जो कांग्रेस के फेके टुकडो पर पलता है वो गुजरात दंगे के १० साल बाद भी उसको बार बार कुरेदता है तो क्या ये सियासत नहीं है ?

4 जून को हुए हादसे के बाद कितने पत्रकारों ने उसकी हालत जानने का प्रयास किया ? कितने चैनल में यह खबर दिखाई गयी कि पुलिस बर्बरता की शिकार एक निरीह महिला को अस्पताल में सही इलाज भी मिल पा रहा है या नहीं ? क्या किसी ने गुड़गांव में उसके घर जाकर परिजनों से कोई प्रतिक्रिया मांगी ?

जब एक मुस्लिम लड़की पर तेजाब फेका जाता है तो कांग्रेस सरकार उसका अमेरिका मे प्लास्टिक सर्जरी करवाती है इसमें मुझे या किसी को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जब किसी हिंदू पीड़ित की बारी आती है फिर कांग्रेस की संवेदनाये क्यों मर जाती है ?

अभी ताजा उदाहरण एक हिंदू दलित महिला भंवरी देवी का है . भारत के इतिहास मे पहली बार हुआ है कि एक मंत्री पर बलात्कार , अपहरण , हत्या जैसे संगीन आरोप मे एफ आई आर दर्ज होता है लेकिन ना तो मंत्री इस्थीपा देता है और ना कांग्रेस उस मंत्री से इस्थीपा लेती है अगर उस भंवरी देवी की जगह कोई मुस्लिम महिला होती तो भी क्या कांग्रेस चुप रहती ?

कांग्रेस के इस रवैये ने ये साफ कर दिया है कि कांग्रेस को हिन्दुओ के दुःख दर्द से कोई मतलब नहीं है अब भी अगर हम हिंदू कांग्रेस को वोट देंगे तो फिर आज राजबाला है कल हमारे घर की माँ और बहने भी कांग्रेस की लाठियो से घायल होकर एक जिन्दा लाश की तरह पड़ी रहेंगी !

7 Comments

  • अंतिम संस्कार में सियासत करने ‘राजकुमार’ भी पहुँच सकते थे. कौन रोक रहा था?

  • जितेन्द्र प्रताप सिंह

    अरे भाई जी युवराज क्यों जायेगा ? मुस्लिम वोट बैक का क्या होगा ?

  • शोचनीय … जनता को कांग्रेस की मानसिकता समझनी ही होगी ..

  • जो इस देश को भारत कहेगा उसके साथ ऐसा ही होगा लेकिन जो इण्डिया कहेगा उसे हाथों पर रखेंगे। 

  • http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/10117047.cms

    if we do not control muslims in our nation such will be the condition in india too.

  • कांग्रेस को वोट देने का मतलब सीधा  है कि हम अपने देश में आतंकवादी गतिविधियों को तो बढ़ाना चाहते हैओं साथ ही साथ आराजकता कि भी स्थिति पैदा कर रहे हैं तो हम सब हिन्दुओं को चाहिए कि एक जुट होकर कांग्रेस के खिलाफ लड़े ???????????????

  • वेसे यहाँ कांग्रेस के खिलाफ लिखने के लिए सिर्फ मुस्लिम ही क्यू मिलता है?हमारा साथ तो ना बीजेपी देती हे ना कांग्रेस .फिर हमें क्यू घसीटा जाता हे आप लोगो के राजनीतिक झगड़ो में.आप लोगो को सिर्फ कुछ मुस्लिम महिलाओ की मदद किया जाना याद आ रहा हे, तब आप लोग कहा गए थे जब गुजरात में ३ दिन के लिए बकायदे छुट मिली थी .आप लोग अगर सत्ता में आना चाहते हे तो देश को सुधार करने का काम क्यू नहीं करते? दुसरो को दोषी ठहराने से पहले खुद के गिरेबान में झांके .हमें अपनी राजनीती का मोहरा ना बनाये.हिन्दू मुस्लिम में भेद करके आप सत्ता तो हासिल कर लेंगे .लेकिन देश टूट जायेगा.इस से उन लोगो को कोई फर्क नहीं परेगा जो सत्ता में आकर अपनी जेब गरम करेंगे.

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