सौ साल में एक बार तो आ ही जाता है; इस तरह का संयोग जिसमे दिन महीना साल एक ही संख्या में होता है | 11.11.2011 | फिर इस तरह का हल्ला या इसके प्रति विशेष अनुभूति क्यों ? पिछली हजारों-लाखों शदियों में गुजरे इस तरह के किसी भी संयोग वाली तारीखों में कोई विशेष घटना घटी है ? शायद कोई अपवाद हो; वर्ना एक सामान्य तारीख की तरह किसी को ध्यान नहीं न किसी का जन्म दिन न कोई होनी-अनहोनी, फिर भी न जाने क्यों …….? इस तरह की तारीखें हर सौ साल में एक बार आ जाती हैं लेकिन मनुष्य जन्म नजाने कितने सौ साल में मिलता है और दोबारा कितने सौ साल में मिलेगा, इस पर कोई नहीं सोचता | इस हल्ले और होड़ के कारण कितने ही बच्चे समय से पहले पृथ्वी पर आ जायेंगे जो हो सकता है कमजोर हो जाएँ | चिकित्सकों का क्या है वह तो हैं ही भगवान का दूसरा रूप (यानि संहारक ) उन्हें तो केवल अपनी कमाई से मतलब है |

