क्या है यह अधिनियम?
6 से 14 साल की उम्र के हरेक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है। संविधान के 86वें संशोधन द्वारा शिक्षा के अधिकार को प्रभावी बनाया गया है।- सरकारी स्कूल सभी बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध करायेंगे और स्कूलों का प्रबंधन स्कूल प्रबंध समितियों (एसएमसी) द्वारा किया जायेगा। निजी स्कूल न्यूनतम 25 प्रतिशत बच्चों को बिना किसी शुल्क के नामांकित करेंगे।
- गुणवत्ता समेत प्रारंभिक शिक्षा के सभी पहलुओं पर निगरानी के लिए प्रारंभिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय आयोग बनाया जायेगा |
नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करने पर सम्बंधित दस्तावेज का पीडीएफ फाइल खुलेगा जिसमें सेव का ऑप्शन है .
Right to Education 2009 act – Hindi


IS MORAL EDUCTION NECESSARY IN THIS ACT?
Bhut bura haal hai iss desh ke baalkon ka…students se pehle un teachers ko padhne v padhayi ki bahut zrurat hai …qk ye adhyapak khud kuc nahi jante…EK SHABD MEIN SIRF ITNA KEHNA HAI…EKDUM AYOGYA.
SATYA V ASTYA KI LADAI HUMARI SADEV JAARI RAHEGI…HUM B TO DENKHE AAKHIR SATYA KI KISE ZRURAT NAHI…VAASTAV MEIN CCHOR KO BHI CHORI KRNE KE LIYE DUSRE CCHORON KE SAATH IMAAN DARI BARATNI HI PADTI HAI AAKHIR…