Subscribe to भारतनामा

भारतनामा

एक भिखमंगा और एक गाँधीवादी – दोनों लतखोर…

एक भिखमंगा और एक गाँधीवादी – दोनों लतखोर…

न तो कभी पलटकर यह पूछता है कि “आखिर तू भिखारी क्यों रह गया? और इतने साल से भीख ही माँग रहा है तो आखिर वैसा कब तक बना रहेगा? क्या कभी अपने पैरों पर खड़ा होना भी सीखेगा?”, और न ही उस भिखारी को दो लात जमाकर मोहल्ले से बाहर करता है

राजगुरू के जन्म दिवस पर विशेष

राजगुरू के जन्म दिवस पर विशेष

आजादी की लड़ाई के हर मौके पर अपनी सहभागिता करने के लिए बेचैन रहने वाले,इस लड़ाई में जान देने व लेने का कोई अवसर हाथ से जाने न देने के… Read more »

Subscribe to विमर्श/सुझाव/अभियान

विमर्श/सुझाव/अभियान

महिलाओं में सुधार की गति दावों के मुकाबले बहुत धीमी

महिलाओं में सुधार की गति दावों के मुकाबले बहुत धीमी

महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार देने के तमाम सरकार दावों के बावजूद देश में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है. देश में महिलाओं की स्थितियों में सुधार की गति… Read more »

क्या मिल पाएगी छात्र राजनीति को नई दिशा

क्या मिल पाएगी छात्र राजनीति को नई दिशा

रवि त्रिपाठी किसी भी देश का विकास तभी संभव है जब वहां की जनता जागरूक हो। बात अगर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रा की हो, तो यह और भी जरूरी… Read more »

Subscribe to विविध

विविध

Subscribe to दक्षिणावर्त

दक्षिणावर्त

Subscribe to चौथा खंभा

चौथा खंभा

Subscribe to सम्पादक उवाच

सम्पादक उवाच

Subscribe to साहित्य

साहित्य

Subscribe to ब्लॉग हलचल

ब्लॉग हलचल

Featuring Recent Posts Wordpress Widget development by YD