May 23, 2013

यूपीए-2 से आम आदमी त्रस्त है

 यूपीए-2 सरकार की चुनौतियां अब यूपीए-2 की सरकार चुनावी भावभंगिमा में नजर आ रही है. लिहाजा सरकार के समक्ष कई चुनौतियां है. मंहगाई सबसे बड़ी चुनौती है यूपीए-2 सरकार की क्योंकि इससे आम आदमी त्रस्त है और हार-जीत के लिए आम आदमी का वोट निर्णायक होता है. इसी माह के आंकड़े के अनुसार खूदरा मंहगाई दर 10 % के आसपास बनी हुई है. मंहगाई पर अंकुश लगाना यूपीए सरकार की सबसे बड़ी चुनौती है. दूसरी सबसे बड़ी चुनौती →आगे पढ़ें ..

यात्रा एक मॉल की – व्यंग

एक जमाना था जब गर्मी की छुट्टियों में लोग -बाग़  पहाड़ी इलाकों ( हिल स्टेशनों ) की ओर जाते थे l गर्मी भले ही अब कई मामलों में उससे ज्यादा पड़ रही हो, " टुन्ना और टुन्नी " के ट्यूशनस एंव समर कैम्पस के कारण छुट्टियाँ जरा भी नहीं निकल पा रहीं हों और ऐन-केन-प्रकारेण अगर छुट्टियाँ मिल भी गईं तो भाई रेलवे के रिजर्वेशन का क्या होगा ? तो कौन भला आदमी धक्के खाकर पहाड़ों की ओर जाएगा ? और यदि आप ठान लें कि →आगे पढ़ें ..

यथा राजा तथा प्रजा

राजनीति में सुधार के लिए नागरिकों को कर्तव्य-अधिकार और संवैधानिक व्यवस्था की जानकारी जरूरी है l किसी भी प्रणाली या व्यवस्था में सुधार की बात करने से पूर्व हमें उन समस्याओं पर भी विचार करना आवश्यक है, जिनके कारण तंत्र रोगग्रस्त होता है l संसदीय लोकतंत्र प्रणाली में  चुनाव का ही  महत्व है l जनता  द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि ही जनता के लिए  क़ानून बनाते हैं और संवैधानिक व्यवस्थाओं को क्रियान्वित →आगे पढ़ें ..
May 20, 2013

हाय दिल्ली !

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आज बहुत दिनों के बाद  पुराने लोहे वाले पुल से चांदनी चौक जा रहा था। दिल्ली की तरफ से आने वाला मार्ग पुलिस ने अवरुद्ध किया हुआ था। काफी बड़ी संख्या में पुलिस गारद वहां पर थी। लोग रुक कर माजरा समझने की कोशिस कर रहे थे। इस कारण पुल पर काफी भीड़ इकट्ठी हो गई थी। ट्रैफिक जाम हो रहा था , मै वगैर रुके अपने गंतव्य की ओर बढ़ गया। पुल से नीचे यमुना का जल  काले से रंग  का दिख रहा था। आज से ३२  साल पहले →आगे पढ़ें ..

आम आदमी का यक्ष प्रश्न

राजनीतिक अराजकता और तिकड़बाजी के इस युग में मैं ( एक आम आदमी ) अपनी उलझनों के जवाब खोज रहा हूँ । देश में मेरे उत्थान के नित्य नए संकल्प लिए जा रहे हैं लेकिन मैं अपने आप को घोर उदासी में घिरा पाता हूँ । आस्था का संकट तो है ही साथ ही एक नैतिक उलझन भी है कि जिस रास्ते पर सब चल रहे हैं, क्या वही एकमात्र सुखद रास्ता रह गया है ? मैं कोई आध्यात्मिक बात नहीं कर रहा और कर भी नहीं सकता " भूखे भजन ना होहीं →आगे पढ़ें ..
May 20, 2013

5 सालों में गुजरात से भी आगे चला जाएगा छत्तीसगढ़ – नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी को लेकर आज सारे देश में चर्चा आम हो चली है | लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में मोदी की सभाएं किसी ना किसी मंच के माध्यम से हो रही है | छत्तीसगढ़ के चुनावी अभियान में विकास यात्रा पर निकले मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के साथ राजनांदगांव की सभा में उन्होंने कहा कि अगले पांच सालों में गुजरात से भी आगे चला जाएगा छत्तीसगढ़ | मोदी के भाषण की कुछ खास बातों →आगे पढ़ें ..

धोखेबाज चिट फंड कम्पनियों का मकड़जाल

हाल में 'शारदा' चिट फण्ड कम्पनी का घोटाला उजागर होने के बाद से (राँची से प्रकाशित) एक अखबार धारावाहिक रुप से "चिट फण्ड कथा" प्रकाशित कर रहा है, जिसमें इस तरह की विभिन्न कम्पनियों के कच्चे चिट्ठे खोले जा रहे हैं। इसकी 17-18 किस्त प्रकाशित हो चुकी है और आगे भी, लगता है, यह कथा जारी रहेगी। इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि धोखेबाज चिट फण्ड कम्पनियों का मकड़जाल कितना बड़ा है। सरसरी निगाह से देखने →आगे पढ़ें ..
May 18, 2013

अपराधी विधायक को रॉबिनहुड बताने में जुटे है बाबूलाल मरांडी

गरीबों के हक में काम करने की कसमें खा रही झाविमो के बाघमारा विधायक ढूल्लू महतो ने रंगदारी के एक आरोपी राजेश गुप्ता को जिस तरह पुलिस हिरासत से जबरन छुड़ाकर भगा दिया, इसे गैरकानूनी कृत्य नही तो और क्या कहा जाएगा ? शिक्षक रहे झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी भी ढुल्लू महतो के कृत्यों को सही ठहराते हुए इसे आजसू पार्टी और धनबाद पुलिस की मिलीभगत बताते हुए ढुल्लू महतो के कुकृत्यों को सही ठहराने →आगे पढ़ें ..

आत्मघाती है केंद्र सरकार की खैराती अर्थनीति

मित्रों,काफी दिन पहले मैंने प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित होनेवाली मासिक पत्रिका बाल भारती में एक बाल कहानी पढ़ी थी। एक राज्य में वयोवृद्ध राजा की मृत्यु के बाद उसका युवा पुत्र राजा बना। वह बड़ा दानी और दयालु था। दोनों हाथों से दान करता। उसके राज्य में कोई भी दुःखी नहीं था सिवाय वृद्ध मंत्री के। धीरे-धीरे खजाने में राजस्व वसूली घटने लगी और खजाना खाली हो गया। दुःखी राजा ने मंत्री से →आगे पढ़ें ..
May 18, 2013

नक्सलवाद है झारखण्ड के विकास में रोड़ा

झारखंड़ में उग्रवादियों का प्रभुत्व इतना ज्यादा बढ़ा है कि 24 जिलों में 22 जिले विभिन्न उग्रवादी संगठनों के जद में है. राज्य में 17 नक्सली संगठनों के 2628 उग्रवादियों को चिन्हित किया गया है जबकि लगभग 200 पीएलएफआई उग्रवादियों ने 8 जिलों यथा खूंटी, गूमला, लातेहार, सिमडेगा, लोहरदगा, पलामू, चतरा, गढ़वा में अपना दबदबा कायम किया हुआ है. नक्सली समस्या राज्य में विकास के राह में सबसे बड़ा रोड़ा है. अनुमानत →आगे पढ़ें ..

प्रधानमंत्री ‘अपर हाऊस’ से : भला क्यों ?

हो सकता है कि 'सत्ता-हस्तान्तरण' के समय कुछ दवाब रहा हो अँग्रेजों की तरफ से, जिस कारण भारत की शासन-प्रणाली के रुप में बर्तानवी संसदीय प्रणाली का चयन किया गया। इस प्रणाली में कोई बुराई भी नहीं है। हाँ, सम्राट या साम्राज्ञी की नकल करते हुए राष्ट्रपति का पद सृजित करना जरूरी नहीं था। इस पद को बनाना भी था, तो इसे "आडम्बरयुक्त" नहीं बनाना था। भारत-जैसे देश के लिए, जहाँ दो-तिहाई आबादी गरीब हो, सम्राटों →आगे पढ़ें ..

वंशवाद का नया अध्याय – लालू के लाल

जब 1990 में बिहार में सवर्णों की बदस्तूर हूकूमत के तिलस्म को तोडकर जब पिछड़ी जाति के बिलकुल आम परिवार से आनेवाले लालू सत्ता पर काबिज हुए तो यह एक अद्भुत दृश्य था। परंतु बीतते समय के साथ लालू परिवारवाद में घिरने लगे। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो लालू यादव के साले साधु यादव और सुभाष यादव ने ही बिहार के प्रशासनिक तंत्र को विफल किया। इन दोनों ने प्रदेश में अपहरण, फिरौती और डकैती को संस्थागत →आगे पढ़ें ..

फिक्सिंग का जंपिंग झपांग – आईपीएल 6

भद्रजनों का खेल एक बार पुनः फिक्सिंग की जद में आकर प्रशंसकों को बड़ा झटका दे गया है। और तो और अब इस पूरे आयोजन पर भी सवालिया निशान उठाये जा रहे हैं। और ऐसा हो भी क्यूं न? आईपीएल-६ में स्पॉट फिक्सिंग का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि इस मामले में तीन क्रिकेटर क्रमशः अंजीत चंदीलिया, एस श्रीशांत और अंकित चव्हाण उसके रडार पर थे और ये क्रिकेटर बुकीज के सीधे संपर्क में थे। →आगे पढ़ें ..

रोटी मिले तो खाओ वरना खाली पेट जंपिंग झपांग करो !

पलाश विश्वास हम भारतीय अब जाने अनजाने चियारिन संस्कृति के धारक वाहक हो गये हैं। कुछ हुआ नहीं कि चियारने लगे! टांगें उठा उठाकर जंपिंग झपांग के साथ उपयुक्त नृत्य निर्देशन में चियारना ​​अब तमाम समस्याओं का समाधान हो गया है। काहे मनवा दुःख को रोवे, जिये वही जो मुंह मा खैनी दबाइके सोवे! अब हम आर्थिक सुधारों के दूसरे चरण में हैं। पहले हम भारत उदय का जश्न मना रहे थे और अब भारत निर्माण कर रहे →आगे पढ़ें ..

वन्दे मातरम् की पंक्तियों में कुछ भी सांप्रदायिक नहीं

वन्दे मातरम् को लेकर इन दिनों फिर से बहस जोरों पर है |  इसी सन्दर्भ में पत्रकार देवाशीष प्रसून द्वारा फेसबुक पर की गयी टिप्पणी को हम यहाँ साभार प्रकाशित कर रहे हैं - जनोक्ति डेस्क  | जिसे जो मन करे गाये, न करे, न गाये… यह कोई इश्यू नहीं है, लेकिन अकारण किसी को बदनाम करना प्रगतिशीलता नहीं हो सकती है। प्रगतिशीलता … तार्किकता, संवेदनशीलता और सम्यक समझदारी के व्यावहारिक प्रयोग का नतीजा होती →आगे पढ़ें ..

Bihar Intermediate Science Results 2013 Links

After a long long time of waiting BSEB Students will get relaxed . Bihar School Examination Board (BSEB)  has announced Intermediate Science results 2013 today. Click To view RESULT faster .   Getting BSEB website busy ? Click here to get result Faster  Link to get the result - Bihar Intermediate Examination Result 2013 CLICK HERE Link to get the result - http://results.bihareducation.net/ Link to get the result - http://www.biharboard.net/     Bihar Board Result 2013 , Bihar Board Exams RESULT , Bihar Intermediate Science results ,Bihar board Class 12 result 2013, Bihar Intermediate arts results 2013 , →आगे पढ़ें ..

सुप्रीम कोर्ट में सभी भाषाओं की अलग-अलग बेंच हो (भाग-2)

26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ। संविधान के अनुच्छेद 343 से 351 तक भाषा से सम्बन्धित उपबन्धों का विवेचन किया गया है। अनुच्छेद 343 के अनुसार भारत की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी निर्धारित की गयी है। और साथ में इस धारा के उप विन्दु 2 में कहा गया है कि ”किसी बात के होते हुए भी, इस संविधान के प्रारंभ से पन्द्रह वर्ष की अवधि तक संघ के उन सभी शासकीय प्रयोजनों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग →आगे पढ़ें ..

पुनरावृत्ति रैली बनकर रह गयी लालू की रैली

गर्मी के मौसम लालू दिखे गरम | नीतीश पर जमकर बरसे | भाषण में कोई नया एजेंडा नहीं दिखा | लालू के बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव की लाऊंचिंग | राबड़ी देवी भी नीतीश को कोसती दिखी | अरे....नीतीश 1 अपने चिर परिचित गंवई अंदाज के लिए मशहूर लालू ने आज परिवर्तन रैली के मंच से नीतीश सरकार पर सीधा हमला किया। बार-बार अरे.....नीतीश का उवाच कर उन्होने नीतीश कुमार को खुली चुनौती दी। हालांकि अत्यधिक गर्मी के →आगे पढ़ें ..

गोवा में गोमांस की मांग,चर्च के साथ कांग्रेस और राकांपा

पशुओं के वध पर अदालत की सख्ती के बाद गोवा के चर्च ने सरकार से ईसाइयों और मुस्लिमों के लिए गोमांस की जरुरी व्यवस्था करने की मांग की है। चर्च ने गोमांस को लेकर अदालत द्वारा लगाई गई कठोर पाबंदियों को अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए गोवा सरकार की धर्मनिरपेक्ष छवि पर पर भी सवाल  उठा दिए हैं। रोमन कैथोलिक चर्च की सामाजिक शाखा ‘सोशल जस्टिस एंड पीस काउंसिल’ के कार्यकारी →आगे पढ़ें ..

कैसे बचेंगे भारत में ईमान और गैरत नाम के कीटाणु ?

आनंद जी शर्मा  राजीव गाँधी ने मुंबई में कांग्रेस के पूर्ण अधिवेशन के समय दल के शीर्षस्थ नेताओं की उपस्थिति में अपने अन्वेषण एवं अनुभव के आधार पर भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री की हैसियत से अधिकारिक तौर पर इस सत्य का उद्घाटन किया था कि : "केन्द्र सरकार द्वारा गरीबों * के लिए योजना निहित खजाने से 1 रुपये का अनुदान देती है - उसमें से मात्र 10 पैसे ही गरीबों तक पहुँचते हैं" * यहाँ गरीब का वास्तविक →आगे पढ़ें ..